पूरी जिन्दगी उस दौड़ जैसी है,
सभी ऊंचाइयों और गड्ढों से युक्त।
और जीतने के लिये आपको सिर्फ यह करना है –
जब भी गिरो, उठ खड़े होओ!
---- --- डी ग्रोबर्ग की एक कविता का अनुवाद।
मैं रेल यातायात प्रबंधन से जुडा़ हूं। इस समय उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय, इलाहाबाद में हूं।
I am involved in Rail Traffic Management. At present I am in North Central Railway Hq., Allahabad, India.
1 comments:
बहुत प्रेरक।आभार।
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