Friday, January 14, 2011

राजकाज


एक अच्छे राजकाज वाले देश में गरीबी शर्म की बात है। एक खराब राजकाज वाले देश में अमीरी शर्म की बात है!
~ कंफ्यूशियस

1 comments:

Kajal Kumar said...

आज भी कितने सामयिक है ये कथ्य !