Sunday, May 31, 2009

जीवन की शाम


flower trans
उम्र के साथ हाथ मिला कर चलने में मजा आता है| उससे लड़ने का अब (उम्र बढ़ने पर) साहस नहीं| पर हर अवस्था में मस्त रहना तो व्यक्ति के हाथ में है|
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इन्द्रजी के ब्लॉग से


2 comments:

ajay kumar jha said...

haan haalaat kaise bhee hon .....sab kuchh kh

ajay kumar jha said...

theek kaha aapne..