Monday, September 8, 2008

गैर मुसलमान और पैगम्बर साहब





flower trans
जो मुसलमान किसी गैर-मुस्लिम नागरिक पर ज़ुल्म करेगा , उसके हक को मारेगा या उसकी चीज़ ज़बरदस्ती ले लेगा, तो मैं खुदा की अदालत में मुसलमान के विरुद्ध पेश होने वाले मुक़दमे में उस गैर-मुस्लिम नागरिक का वकील बनकर खड़ा हो जाऊँगा ।
--पैगम्बर हज़रत मुहम्मद स.; साझा-सरोकार ब्लॉग से।

ज्ञानदत्त पाण्डेय

2 comments:

Anonymous said...

कहां लिखा है भैय्या की मुहम्मद ने ऐसा कहा है? एक हिन्दु मित्र ने कहा की इस्लाम को झुठ-मुठ बदनाम किया जा रहा है, कुरान मे ऐसी कोई आपत्तिजनक बात नही लिखी हुई है। मैने कहा भैय्या, बाईबल या गिता पढ कर तो कोई आतंकवादी नही बन रहा है। मलेशिया से ईराक तक लोग कुरान का हवाला दे कर ही दहशतगर्दी कर रहे है। यह यथेष्ट प्रमाण है, जो सिद्ध करता है की कुरान आतंकवाद का श्रोत है। - पीटर संजय

shahroz said...

harat muhammad ne samay-samay par jo kaha use hadees kaha jaata hai aur ye bhi hadees hai.

aap hadees ke kai sanklan dekh sakte hain.

meri aadat kahin bhi achchayi dekhne ki hai kyonki jabhi ham aapsi prem banaye rakhte hain.warna gar avgun dekhna shuru kar doon to har jagah avgun hi avgun dekhayi de.

aap gar aisi bat kahenge to aap mein aur un fascist mein kya anter rah jayega.

vo fascit chahe islam k nam par bomb phode ya kisi non ki asmat loote.