अगर आपमें आत्मविश्वास नहीं है तो आप दोहरी हार झेलते हैं जिन्दगी की दौड़ में। आत्मविश्वास के साथ तो आप दौड़ प्रारम्भ होने के पहले ही जीत चुके होते हैं। ~ मार्कस सिसरो।
अनुचित आलोचना एक प्रकार की प्रशंसा होती है। प्राय इसका मतलब यह होता है कि लोग आपकी सफलता से जलने लगे हैं। याद रखें, कोई भी मरे कुत्ते को लात नहीं मारता। ~ डेल कार्नेगी।