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नफा नुक्सान हर व्यापार का होता अहम् हिस्सा
नफा होगा सदा, ये सोच कर व्यापार मत करना।--- नीरज गोस्वामी, उनके ब्लॉग पर ताजा गज़ल से।
ज्ञानदत्त पाण्डेय
पुराणमित्येव न साधु सर्वं, न चापि सर्वं नवमित्यवद्यम्।
सन्त: परिक्ष्यान्यतरद् भजन्ते , मूढ़: पर प्रत्ययनेय बुद्धि।।
`जो पुराना है , वह न तो सबका सब ठीक है और जो नया है , वह केवल नया होने के कारण अग्राह्य भी नहीं है। साधु बुद्धि के लोग दोनों की परीक्षा करके ही स्वीकार-अस्वीकार करते हैं। दूसरों के कहने पर तो मूढ़ ही राय बनाते हैं।´
--- महाकवि कालिदाससंगीता पुरी जी के ब्लॉग गत्यात्मक ज्योतिष से।
ज्ञानदत्त पाण्डेय

मैं अत्यन्त सफल व्यक्तियों का प्रशंसक हूं। पर यदि वह सफलता बहुत निर्दयता/निर्ममता से हासिल की गयी है तो मैं उस व्यक्ति की प्रशंसा भले ही करूं, उसकी इज्जत नहीं कर सकता।--- रतन टाटाज्ञानदत्त पाण्डेय

भगवान करें, आपके इगलू में गर्मी हो, आपके दिये में तेल हो और आपके हृदय में शान्ति!--- एक एस्कीमो कहावत।
ज्ञानदत्त पाण्डेय

कायरता की भांति वीरता भी संक्रामक होती है। --- मुंशी प्रेमचन्द
ज्ञानदत्त पाण्डेय

मुखिया मुख सों चाहिये, खान पान कहुं एक।पालई पोषई सकल अंग, तुलसी सहित बिबेक॥(मुखिया मुख की तरह होना चाहिये; जो खाने-पीने के लिये तो एक है पर बुद्धिमानी से शरीर के सब अंगों का पालन करता है)--- तुलसीदास, रामचरित मानस, अयोध्याकाण्ड
ज्ञानदत्त पाण्डेय

सामने टिकते नहीं, वनराज, पर्वत डोलते हैं।कांपता है कुण्डली मारे समय का व्याल।मेरी बांह में मारुत, गरुड़, गजराज का बल है! --- पुरुरवा का कथन; "दिनकर"; उर्वशी में।ज्ञानदत्त पाण्डेय